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बड़ी खबर : खनन विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि, SKOCH अवॉर्ड के लिए चयन
देहरादून। राज्य के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। विभाग की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं—MDTSS (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम) और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर—का चयन प्रतिष्ठित SKOCH Award – इंडिया’s ऑनिस्ट इंडिपेंडेंट ऑनर के लिए किया गया है। इन दोनों परियोजनाओं को 106वें SKOCH समिट में सम्मानित किया जाएगा। शासन और विकास के क्षेत्र में परिणाम आधारित नवाचारों के लिए दिया जाने वाला यह सम्मान प्रदेश के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
MDTSS एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे खनिज परिवहन की प्रभावी निगरानी और अवैध खनन पर रोक लगाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से खनिजों के स्रोत से गंतव्य तक एंड-टू-एंड डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है। ई-रवन्ना और ई-ट्रांजिट परमिट के साथ एकीकरण कर परिवहन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही RFID और ANPR तकनीक के जरिए चेकगेट पर वाहनों की स्वचालित पहचान, रियल टाइम सत्यापन और अनधिकृत या डुप्लिकेट ट्रिप की पहचान संभव हो रही है। वेब्रिज एकीकरण से वाहनों के वजन की स्वतः निगरानी कर ओवरलोडिंग पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है।
राज्य और जनपद स्तर पर केंद्रीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से सभी गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे प्रवर्तन कार्रवाई को मजबूती मिली है।वहीं खनिजों के अवैध परिवहन और राजस्व हानि को रोकने के लिए ई-रवन्ना प्रपत्रों को विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज पर प्रिंट करने की व्यवस्था लागू की गई है। यूनिक क्यूआर कोड, वॉटरमार्क, माइक्रो टेक्स्ट और अमिट स्याही जैसे सुरक्षा फीचर्स के कारण इन प्रपत्रों की नकल या दुरुपयोग की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
विभाग का दावा है कि इन सुधारों के बाद फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगी है और राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बताया गया है कि 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि को प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






