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उत्तराखंड में फिर हादसा : सातशिलिंग–थल मार्ग पर दर्दनाक हादसा, दो युवकों की मौत, एक गंभीर घायल
पिथौरागढ़ जिले के सातशिलिंग–थल मोटर मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अनियंत्रित कार के करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरने से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जीआईसी रोड पिथौरागढ़ निवासी संजू (28), पंडा निवासी संजय कुमार (30) और बीसाबजेड़ निवासी हयात खड़ायत (32) शुक्रवार को कार से मुवानी की ओर घूमने के लिए निकले थे। देर रात तीनों वापस पिथौरागढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान सुवालेख के समीप रिण क्षेत्र में अचानक कार चालक का वाहन से नियंत्रण खो गया और कार सीधे गहरी खाई में जा गिरी।रात भर घर न लौटने और मोबाइल फोन बंद आने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। शनिवार तड़के परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने तत्काल मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोज अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से खाई में उतरकर वाहन तक पहुंच बनाई गई।रेस्क्यू के दौरान कार के भीतर संजय कुमार और हयात खड़ायत के शव बरामद हुए, जबकि संजू गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। घायल संजू को खाई से निकालकर 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पिथौरागढ़ पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर सड़क की स्थिति, तेज रफ्तार और रात के समय दृश्यता कम होना हादसे की वजह मानी जा रही है।
पहाड़ में सड़क हादसों की बढ़ती चिंता
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। संकरी और घुमावदार सड़कें, गहरी खाइयां, जगह-जगह क्षतिग्रस्त मार्ग, सुरक्षा रेलिंग का अभाव, ओवरस्पीड और रात के समय लापरवाही पहाड़ों में हादसों की प्रमुख वजह बन रहे हैं। इसके अलावा कई मार्गों पर स्ट्रीट लाइट और चेतावनी संकेतक न होने से जोखिम और बढ़ जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सातशिलिंग–थल मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा इंतजामों में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, मजबूत क्रैश बैरियर, स्पीड कंट्रोल और नियमित पेट्रोलिंग की मांग की है।इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। एक बार फिर यह हादसा पहाड़ों में सुरक्षित यात्रा और जिम्मेदार ड्राइविंग की जरूरत को रेखांकित करता है।





