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जिन इलाकों में लकड़ी उठाने तक पर पाबंदी है, वहां मजारें बनाकर जमीनें कब्जा ली गईं, लेकिन वन विभाग खामोश रहा। अब सीएम के सख्ती दिखाने के बाद कार्रवाई शुरू हुई है।

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में लैंड जिहाद के खिलाफ एक्शन, जंगलों में चले बुलडोजर..कई मजारें ध्वस्त

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देहरादून: उत्तराखंड में बीते कई सालों से मजारें बनाकर जमीनें हथियाने का धंधा चल रहा है। हैरानी वाली बात ये है कि सबसे ज्यादा मजारें, रिजर्व फॉरेस्ट में हैं। जिन इलाकों में लकड़ी उठाने तक पर पाबंदी है, वहां मजारें बनाकर जमीनें कब्जा ली गईं, लेकिन वन विभाग खामोश रहा।

कई हेक्टेयर जमीन पर कब्जा करने के साथ ही वहां मजारें खड़ी कर दी गईं और वन अधिकारियों की नींद तब टूटी, जब सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सख्त तेवर दिखाए। इसी के साथ वन भूमि से अवैध कब्जे हटाने की शुरुआत कर दी गई है। नैनीताल में गुरुवार को तराई पूर्वी डिवीजन की दो रेंज से करीब दस हेक्टेयर जमीन मुक्त कराई गई।

एक जगह मजार भी तोड़ी गई। यहां पास में बैठने के लिए बड़ा शेल्टर भी बना था। बीते दिन तराई पूर्वी डिवीजन के एसडीओ अनिल कुमार जोशी के नेतृत्व में टीम ने किशनपुर रेंज और लालकुआं से सटे जंगल में पुलिस और पीएसी की मदद से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया।

किशनपुर के त्यूणीखाल में पांच हेक्टेयर जमीन मुक्त कराई गई। नब्बे एकड़ नाम की जगह पर बनी मजार को गिराया गया। देवरामपुर सेकेंड बीट में पांच हेक्टेयर जमीन खाली करवाई गई। बता दें कि जिले में वन विभाग की आबादी से सटी जमीन से लेकर घने जंगलों तक अवैध कब्जा हो रखा है, लेकिन वन अधिकारी चुप्पी साधे रहे।

बाहरी लोग जमीनें कब्जा कर यहां बस गए। आठ अप्रैल को कालाढूंगी में आयोजित एक रैली के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि प्रदेश में किसी हाल में कब्जा नहीं होने देंगे। लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। तब कहीं जाकर वन विभाग की नींद टूटी। जिसके बाद वन विभाग की जमीन पर सालों से जमे अतिक्रमण को हटाने की कवायद शुरू हो गई है।

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संपादक

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