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पति-पत्नी दोनों को पेंशन मिलने के बाद उत्तराखंड में 94 हजार पेंशनर बढ़े, कुल 5.58 लाख पेंशनर हुए

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हल्द्वानी : old age pensioners Uttarakhand : पति-पत्नी दोनों को पेंशन मिलने के बाद प्रदेश में 94 हजार पेंशनर बढ़ गए हैं। इसी आधार पर अब प्रदेश में वृद्धा पेंशनरों की संख्या 5.58 लाख हो गई है। वर्ष 2022 से पेंशनरों को 1200 की जगह 1500 रुपये पेंशन मिलेगी।

प्रदेश में तीन श्रेणी में पेंशन जारी की जाती है। जिसमें वृद्धा, दिव्यांग व विधवा पेंशन शामिल है। धामी सरकार ने सत्ता में दो तिहाई बहुमत से वापसी करते हुए बुजुर्गो को राहत दी थी। पति-पत्नी दोनों को पेंशन देने की घोषणा की। समाज कल्याण निदेशालय ने शासनादेश जारी होने के बाद सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर पति-पत्नी दोनों का रिकार्ड मांगा था।

सभी जिलों का रिकार्ड समाज कल्याण निदेशालय में पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार अभी तक प्रदेश में 4.64 लाख पेंशनर थे। पति-पत्नी दोनों को पेंशन मिलने वालों की संख्या में 94140 लोगों की वृद्धि हो गई है। इस आधार पर प्रदेश में अब वृद्धा पेंशन पाने वालों की संख्या 5.58 लाख हो गई है।

वर्ष 2021 की अंतिम किस्त सभी जिलों को जारी कर दी गई है। वर्ष 2022 की नई किस्तों के लिए डिमांड पत्र शासन को भेज दिया गया है। जिसमें नए पेंशनरों को शामिल किया है। हालांकि इनकी संख्या और बढ़ सकती है। नई पेंशन में 1200 के स्थान पर 1500 रुपये मिलने लगेंगे।

नियम में संसोधन की तैयारी

पति-पत्नी दोनों को पेंशन मिलने के बाद भी सैंकड़ोंं लोग सुविधा से वंचित हो रहे हैं। शासनादेश में शर्तें हैं कि दोनों को पेंशन के लिए लाभार्थी की आय चार हजार होनी चाहिए। पात्र अभ्यर्थी बीपीएल परिवार का होना चाहिए और उसके पुत्र-पुत्री की आयु 20 साल से अधिक हो। समाज कल्याण निदेशालय की ओर से इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया था। जिसमें बताया था कि अधिकांश पेंशनर एपीएल परीवार के हैं और 20 वर्ष से कम आयु के लोगों के स्वजन भी वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं। नियमों के फेर से कई पात्र लोगों को वंचित रहना पड़ रहा है। शासन की ओर से इसपर विचार किया जा रहा है।

दिव्यांग पेंशनर सबसे कम

प्रदेश में दिव्यांग पेंशनरों की संख्या सबसे कम है। समाज कल्याण निदेशालय से प्राप्त रिकार्ड के अनुसार प्रदेश में 75388 दिव्यांगों को हर साल चार किस्तों में 32 करोड़ रुपये जारी किए जाते हैं। समाज कल्याण निदेशक बीएल फिरमाल ने कहा कि पति-पत्नी दोनों को पेंशन मिलने पर पेंशनरों की संख्या बढ़ गई है। सभी जिलों का रिकार्ड निदेशालय पहुंचने पर शासन को भेज दिया है। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है।

चार किस्तों में जारी होती है पेंशन

समाज कल्याण निदेशालय चार किस्तों में पेंशन जारी करता है। इसके लिए तीन-तीन माह की चार श्रेणी बनाई गई है। जनवरी, फरवरी व मार्च माह की पहले किस्त जारी होती है। इस तरह शेष महीनों की किस्त पेंशनरों के खातों तक पहुंचती है। हालांकि अक्सर पेंशन लाभार्थियों के खातों में देर से पहुंचती है। वर्ष 2022 की पहली किस्त की डिमांड अब शासन को भेजी गई है।

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